
Odisha ओडिशा: केंद्रपाड़ा जिले के तलचुआ मरीन पुलिस स्टेशन में कथित कस्टडी टॉर्चर के गंभीर मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में सस्पेंडेड इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IIC) संध्यारानी जेना ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए ओडिशा हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।
सूत्रों के अनुसार, संध्यारानी जेना ने 29 जून को केस नंबर 124/2026 के संबंध में अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किए जाने का डर है, इसलिए अग्रिम जमानत दी जाए।
यह पूरा मामला 25 मई की एक घटना से जुड़ा है, जब बाघमारी पंचायत के गिरियापाही गांव की रहने वाली अन्नपूर्णा मंडल और उनके बेटे अनंत कुमार मंडल एक पारिवारिक विवाद की शिकायत दर्ज कराने तलचुआ मरीन पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत दर्ज करने के बजाय पुलिस ने उनके साथ ही मारपीट शुरू कर दी।
शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें गैरकानूनी हिरासत, थर्ड-डिग्री टॉर्चर और धमकी शामिल हैं। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस स्टेशन के अंदर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।
अन्नपूर्णा मंडल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर संध्यारानी जेना ने उन्हें बाल पकड़कर घसीटा, थप्पड़ मारे और उनके माथे से सिंदूर तक पोंछ दिया। यह शिकायत पट्टामुंडई सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) को सौंपी गई थी।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित IIC को सस्पेंड कर दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कई स्तरों पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
वहीं, अग्रिम जमानत याचिका दायर होने के बाद अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। अदालत यह तय करेगी कि आरोपी अधिकारी को राहत दी जाए या नहीं।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर पुलिस कार्रवाई और हिरासत में व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर प्रशासन पर भी पारदर्शी जांच का दबाव बढ़ रहा है।





